भारत-नेपाल सीमा संवाददाता जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट
काठमाण्डौ,नेपाल। जापान में इस साल के पहले छह महीनों के दौरान 40,000 लोग घर पर अकेले मृत पाए गए।
जापानी पुलिस द्वारा हाल ही में जारी एक रिपोर्ट से पता चलता है कि अकेलेपन के कारण बड़ी संख्या में मौतें होती हैं।
जापान की राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी के अनुसार, लगभग 4,000 लोगों के शव एक महीने बाद ही पाए गए थे।
करीब एक साल तक पता ही नहीं चला कि 130 लोगों की मौत हो गई ।
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक जापान में इस समय बुजुर्गों की आबादी सबसे ज्यादा है। वहीं, अकेलेपन की गंभीर समस्या बनकर उभरी है।
जापानी पुलिस एजेंसी का मानना है कि इस रिपोर्ट के जारी होने से अकेले रहने और अकेले मरने की समस्या उजागर होगी ।
जापान की राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार, अकेले रहने वाले लगभग 37,227 लोग अपने घरों में मृत पाए गए।
उनमें से 70 प्रतिशत से अधिक 65 वर्ष से अधिक उम्र के हैं।
लगभग 40 प्रतिशत शव एक दिन के भीतर पाए गए। जबकि करीब 3,393 लोगों के शव एक महीने बाद मिले ।
बाकी 130 के मिलने से पहले किसी ने उन पर ध्यान भी नहीं दिया।
जापानी सार्वजनिक टीवी नेटवर्क एनएचके के अनुसार, पुलिस ने डेटा एक सरकारी समूह को दिया है, जो आकस्मिक मौतों की जांच कर रहा है।
इस साल से पहले, जापानी राष्ट्रीय जनसंख्या और सामाजिक सुरक्षा अनुसंधान संस्थान ने कहा था, “देश में 65 या उससे अधिक उम्र के नागरिकों की संख्या 2050 तक 18 मिलियन तक पहुंच सकती है।”
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