नेपाल-भारत सीमा संवाददाता जीत बहादुर चौधरी की रिपोर्ट

काठमाण्डौ,नेपाल – पूर्व राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने कहा है कि कृषि क्षेत्र के सतत विकास पर जोर दिया जाना चाहिए।
पूर्व राष्ट्रपति भंडारी ने आज अपने ट्विटर (एक्स) पेज के माध्यम से राष्ट्रीय धान दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए संबंधित पक्षों का ध्यान आकर्षित किया कि धान सहित कृषि उपज में आत्मनिर्भर बनने के लिए सतत कृषि प्रणालियों का विकास हमारा साझा लक्ष्य होना चाहिए।
जलवायु परिवर्तन, बढ़ते शहरीकरण और कृषि जनशक्ति की कमी जैसी चुनौतियों के बावजूद उन्होंने कहा कि राज्य, निर्माताओं और सभी संबंधित पक्षों को कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के उपयोग, उन्नत बीजों की व्यवस्था, बाजारों तक पहुंच और ऐसा माहौल बनाने पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है, जहां किसान आत्मसम्मान के साथ रह सकें।
पूर्वराष्ट्र भंडारी ने कहा, “चावल हमारी सभ्यता और संस्कृति, आत्मनिर्भरता से जुड़ी प्रमुख अनाज फसल है। चावल दिवस किसानों के श्रम, प्रकृति में आस्था और समृद्धि की यात्रा के प्रति सामूहिक संकल्प का प्रतीक है। इस अवसर पर मैं उन मेहनतकश किसान भाइयों और बहनों के प्रति हार्दिक सम्मान व्यक्त करता हूं जो दिन-रात खेतों में मेहनत कर अनाज पैदा करते हैं।”
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