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नेपालगंज में बहस : पाकिस्तानी जेहादी आतंकवाद ,ISI नेपाल की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा

रतन गुप्ता उप संपादक ——- नेपाल में राष्ट्रिय एकता अभियान द्वारा नेपालगंज में आयोजित “पाकिस्तानी जेहादी आतंकवाद और नेपाल की सुरक्षा चुनौती” विषयक बहस कार्यक्रम में वक्ताओं ने भारत–नेपाल खुली सीमा के दुरुपयोग को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। वक्ताओं का कहना था कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन नेपाल की धार्मिक सहिष्णुता, सामाजिक सौहार्द और अंतरराष्ट्रीय छवि को चुनौती दे रहे हैं।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तथा राष्ट्रिय एकता अभियान के केन्द्रीय अध्यक्ष विनय यादव ने कहा, “नेपाल को पाकिस्तानी आतंकवाद का भूकंप नहीं बनने देना है। हमें अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष खुलकर आवाज उठानी चाहिए।” उन्होंने यह भी चेताया कि नेपाल अब सुरक्षित शरणस्थली या आतंकी योजना स्थल नहीं रह सकता।यादव ने अब्दुल करिम टुंडा, सैफुल्लाह और यासीन भटकल जैसे कुख्यात आतंकियों का उल्लेख करते हुए बताया कि इन आतंकवादियों ने नेपाल की धरती का दुरुपयोग किया है। हालाँकि नेपाल पुलिस द्वारा इनकी गिरफ्तारी हुई, लेकिन ऐसे आतंकी गतिविधियों की मौजूदगी अपने आप में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।कार्यक्रम में राष्ट्रिय एकता अभियान के संगठन महामंत्री हर्क स्वार, केन्द्रीय सदस्य बम बहादुर शाही और पार्वती अर्याल ने आतंकवाद के बदलते स्वरूप और नेपाल में ISI के प्रभाव पर प्रकाश डाला। वक्ताओं का दावा था कि 1980 के दशक से ही ISI ने नेपाल में घुसपैठ कर आर्थिक, धार्मिक और वैचारिक नेटवर्क तैयार किया है, जिसका उद्देश्य भारत के कश्मीर क्षेत्र में अस्थिरता फैलाना रहा है।महामंत्री स्वार ने कहा, “अब नेपाल की कूटनीति स्पष्ट होनी चाहिए कि हम किसी भी आतंकवादी संगठन की शरणस्थली नहीं बनेंगे।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान नेपाल को भारत के साथ असहजता बढ़ाने के एक साधन के रूप में इस्तेमाल कर रहा है।वक्ताओं ने हाल ही में जम्मू–कश्मीर के पहलगाम में नेपाली युवक सुदीप नेउपाने की हत्या को पाकिस्तान प्रेरित आतंकवाद का स्पष्ट उदाहरण बताया। इसे केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि नेपाल के युवाओं के लिए एक गंभीर चेतावनी बताया गया।अध्यक्ष यादव ने सार्क की निष्क्रियता के लिए भी पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, “सार्क आज पाकिस्तान की आतंकवादी नीति के कारण कोमा में पड़ी संस्था बन गई है। यदि हमें क्षेत्रीय एकता कायम रखनी है तो आतंकवाद के खिलाफ साझा मोर्चा बनाना होगा।”कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी जगदीश शुक्ला ने की। कार्यक्रम में राजकुमार रौनियार, यादव सेवा केंद्र के अध्यक्ष सूर्यलाल यादव, पत्रकार आशीष गुप्ता, अधिवक्ता रामकुमार दीक्षित, भरत विश्वकर्मा समेत अनेक पत्रकार, सुरक्षा विश्लेषक, पूर्व अधिकारी, बुद्धिजीवी और सामाजिक कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही

रतन गुप्ता उप संपादक

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