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पाकिस्तान ने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार देने का प्रस्ताव रखा

नेपाल,भारत सिमा संवाददाता जीत बहादुर चौधरी का रिपोर्ट
21/06/2025

काठमाण्डौ,नेपाल — पाकिस्तान सरकार ने सुझाव दिया है कि अगले साल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दिया जाना चाहिए। पाकिस्तान ने ट्रंप को इस पुरस्कार के लिए औपचारिक रूप से नामित भी किया है।

पाकिस्तान ने कहा है कि पहलगाम की घटना के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव को कम करने में ट्रंप ने ‘निर्णायक कूटनीतिक भूमिका’ निभाई है और इसकी बहुत सराहना की जानी चाहिए।

पाकिस्तान सरकार ने नोबेल शांति पुरस्कार पर अपने प्रस्ताव के बारे में आधिकारिक बयान और सोशल मीडिया ‘एक्स’ के माध्यम से जानकारी दी है। पाकिस्तान का मानना ​​है कि ट्रंप ने मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव को युद्ध में बदलने से रोकने के लिए मध्यस्थता की थी।

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले में 26 नागरिकों के मारे जाने के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। इसके जवाब में पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन बनयान मार्सस’ शुरू किया था।

पाकिस्तान ने दावा किया है कि ट्रंप की रणनीतिक दूरदर्शिता और असाधारण नेतृत्व कौशल ने युद्ध विराम सुनिश्चित किया और परमाणु युद्ध के खतरे को टाला।

भारत ने युद्ध विराम में ट्रंप की मध्यस्थता को खारिज कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि “दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधी बातचीत के ज़रिए शांति वार्ता हुई।”

भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के बाद किसी भी स्तर पर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते या मध्यस्थता पर कोई चर्चा नहीं हुई।

ट्रंप ने हाल ही में वाशिंगटन डीसी में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर से मुलाक़ात की। उसके बाद उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “मुझे भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रोकने या अब्राहम समझौते जैसी उपलब्धियों के लिए नोबेल पुरस्कार नहीं दिया जाएगा… लेकिन लोग सच्चाई जानते हैं और मेरे लिए यही काफ़ी है।”

जनरल मुनीर ने अमेरिका में ट्रंप की खुलकर तारीफ़ करते हुए कहा था, “ट्रंप की वजह से संभावित परमाणु संघर्ष टल गया।” व्हाइट हाउस की उप प्रवक्ता एना केली के अनुसार, ट्रंप और मुनीर के बीच मुलाक़ात नोबेल नामांकन की पहल के तौर पर आयोजित की गई थी।

नोबेल समिति ने अभी तक पाकिस्तान के प्रस्ताव पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। दूसरी ओर ट्रंप दावा करते रहे हैं कि उन्हें विभिन्न कारणों से शांति पुरस्कार दिया जाना चाहिए।

ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि वह कांगो और रवांडा के बीच संघर्ष में मध्यस्थता करेंगे, साथ ही भारत-पाकिस्तान तनाव को हल करेंगे।

ट्रंप ने कहा, “मुझे चार या पांच बार नोबेल शांति पुरस्कार मिल जाना चाहिए था, लेकिन वे मुझे यह पुरस्कार नहीं देंगे क्योंकि वे इसे केवल उदारवादियों को देते हैं।”

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