
नेपाल,भारत सिमा संवाददाता जीत बहादुर चौधरी का रिपोर्ट
26/06/2025
काठमाण्डौ,नेपाल – 12 जून को हुए एयर इंडिया विमान हादसे की जांच एक मील के पत्थर पर पहुंच गई है। भारत सरकार के अनुसार, दुर्घटना में मिले ‘ब्लैक बॉक्स’ (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) से आवश्यक डेटा सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया गया है और अब विश्लेषण प्रक्रिया चल रही है।
दुर्घटना में एयर इंडिया का AI 171 बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर उड़ान भरने के 36 सेकंड बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना में विमान में सवार 241 लोग और जमीन पर 34 लोग मारे गए।
ऐसी चिंता थी कि दुर्घटना में ब्लैक बॉक्स क्षतिग्रस्त होने के कारण उपयोगी डेटा नहीं निकाला जा सका। शुरुआत में, फोरेंसिक विश्लेषण के लिए उपकरणों को अमेरिका भेजने की संभावना थी।
हालांकि, भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने क्रैश प्रोटेक्शन मॉड्यूल (CPM) और मेमोरी मॉड्यूल को सुरक्षित रूप से हटाकर डेटा को सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया है।
दो ब्लैक बॉक्स में से एक हॉस्टल की छत पर मिला, जबकि दूसरा दुर्घटनास्थल के मलबे से बरामद किया गया। दोनों को मंगलवार को दिल्ली स्थित एएआईबी लैब में सुरक्षित भेज दिया गया।
पहला बॉक्स दोपहर 2 बजे और दूसरा शाम 5:15 बजे लैब पहुंचा। सरकार ने बताया कि डेटा निकालने की प्रक्रिया उसी दिन शुरू हुई और बुधवार तक पूरी हो गई।
कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर पायलट और चालक दल के बीच बातचीत, उस समय की आवाजें और प्रतिक्रियाएं रिकॉर्ड करेगा, जबकि फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर विमान की ऊंचाई, गति, नियंत्रण प्रणाली और इंजन के प्रदर्शन के बारे में जानकारी देगा।
सरकार के मुताबिक, दोनों रिकॉर्डर से प्राप्त डेटा का फिलहाल विश्लेषण किया जा रहा है।



