
सन्दीप मिश्रा
उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ तथा माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायबरेली राजकुमार सिंह के दिशा-निर्देशन में विश्व जनसंख्या दिवस दिनांक 11.07.2025 के अवसर पर अनुपम शौर्य अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायबरेली की अध्यक्षता में तहसील सदर में विधिक साक्षरता एवं जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। अपर जिला जज/सचिव अनुपम शौर्य के द्वारा बताया गया कि विश्व जनसंख्या दिवस सर्वप्रथम संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम द्वारा वर्ष 1989 में सृजित किया गया था, जब विश्व की जनसंख्या 5 अरब थी। सर्वप्रथम विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई 1990 को लगभग नब्बे राष्ट्रो द्वारा मनाया गया था, जिसका उद्देश्य आमजन को परिवार नियोजन, लैंगिक समानता, गरीबी, मातृ स्वास्थ्य और मानवाधिकारों सहित जनसंख्या संबंधी मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाने से सम्बन्धित है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्थापित, यह दिवस लोगों में निवेश और सतत विकास को समर्थन देने के महत्व की याद दिलाता है। इस वर्ष की थीम युवाओं को बेहतर भविष्य के लिए सशक्त बनाना है। 2025 में यह आयोजन जनसांख्यिकीय चुनौतियों से निपटने की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है क्योंकि विश्व की जनसंख्या में निरंतर बढ़ोत्तरी हो रही है। वर्तमान में विश्व की जनसंख्या आठ अरब से अधिक है, जो कि चिंता का विषय है। जिसके सम्बन्ध में लगातार सरकार द्वारा जागरुकता अभियान, सार्वजनिक व्याख्यान तथा चर्चा, कला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्वास्थ्य शिविर एवं सेवाये, युवा जुड़ाव एवं सामुदायिक संग्रहण, साझेदारी एवं सहयोग जैसे कार्यक्रमों को करने के सम्बन्ध में भी दिशा-निर्देश दिये गये है। उक्त जागरुकता कार्यक्रम में विधिक सेवा प्राधिकरण के अन्तर्गत धारा-12 के अन्तर्गत विधिक सहायता हेतु पात्रता के सम्बन्ध में जानकारी दी गयी। इसके अतिरिक्त लीगल एड क्लीनिक, लीगल एड डिफेन्स काउन्सिंल व पराविधिक स्वयं सेवक स्कीम सम्बन्धित विषय पर जानकारी प्रदान की गयी। विश्व जनसंख्या दिवस के “पिता” के रूप में किसी एक व्यक्ति को नहीं जाना जाता है, लेकिन इस दिवस को मनाने का विचार डॉ. के.सी. ज़कारिया (Dr. KC Zachariah) ने दिया था, जो विश्व बैंक के एक वरिष्ठ जनसांख्यिकीविद् थे। जनसंख्या के क्रम में, भारत वर्तमान में दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है, इसके बाद चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका और इंडोनेशिया का स्थान है। उक्त अवसर पर जनसंख्या नियंत्रण हेतु किये जा रहे प्रयास मिशन परिवार विकास, भारत सरकार द्वारा 2017 में शुरू की गई एक परिवार नियोजन पहल है, जिसका उद्देश्य 2025 तक प्रजनन दर (TFR) को 2.1 तक कम करना है। यह पहल मुख्य रूप से सात राज्यों के 146 उच्च-फ़ोकस जिलों में लागू की जा रही है, जो देश की 44% आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं और जहां TFR 3 या उससे अधिक है। राष्ट्रीय परिवार नियोजन क्षतिपूर्ति योजना के सम्बन्ध में बताया गया कि यह एक बीमा योजना है जो भारत सरकार द्वारा नसबंदी के बाद होने वाली मृत्यु, जटिलताओं या विफलता के मामलों में लाभार्थियों, डॉक्टरों और स्वास्थ्य सुविधाओं को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के लिए शुरू की गई है। इसके अतिरिक्त नसबंदी कराने वाले लाभार्थियों को सरकार द्वारा मुआवजा भी दिये जाने का प्रावधान है। जिसे “नसबंदी क्षतिपूर्ति योजना” कहा जाता है। यह योजना नसबंदी के कारण होने वाली मजदूरी की हानि और चिकित्सा जटिलताओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा संचालित लोक कल्याणकारी योजनाओं के सम्बन्ध में जानकारी दी गयी। उक्त शिविर में परिवार मिशन, हौसला साझेदारी कार्यक्रम के सम्बन्ध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गयी। आयोजित शिविर में नायब तहसीलदार रमाशंकर मिश्र, जिला बाल संरक्षण अधिकारी वीरेन्द्र पाल, सी0डी0पी0ओ0 संध्या श्रीवास्तव, काउसंलर वन स्टाप सेन्टर श्रद्धा सिंह व पराविधिक स्वयं सेवक पवन कुमार श्रीवास्तव, मनोज कुमार प्रजापति व पूनम सिंह उपस्थित रही।



