
सन्दीप मिश्रा
रायबरेली कानून व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए पुलिस अधीक्षक लगातार अपने अधीनस्थ कर्मचारियों का स्थानांतरण तबादला और लाइन हाजिर कर रहे हैं । लेकिन डलमऊ थाना क्षेत्र के डंगरी गांव में जिस तरह एक लेखपाल पंकज वर्मा और उसका परिवार के लोग गांव की एक महिला के साथ अत्याचार करने में जुटे हुए हैं उसे देखकर तो कहीं भी नहीं लगता है कि कानून व्यवस्था बची हुई है । क्योंकि 10 जुलाई 2025 को घटित घटना की रिपोर्ट थाने की पुलिस ने मामूली धाराओं में दर्ज कर ली । जबकि महिला ने लेखपाल पंकज वर्मा और उसके भतीजे पर दुष्कर्म के प्रयास और मारपीट की तहरीर थाने में दर्ज करवाई थी। महिला के अनुसार पहले लेखपाल पंकज वर्मा अपने एक शराबी भतीजे रिंकू लोध के साथ मिलकर उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास करने की कोशिश की असफल होने पर उसे जान से मारने की धमकी दी । जिस पर पुलिस ने मामूली मारपीट का ही मामला दर्ज कर मामले को ठंडा बस्ते में डाल दिया। यही नहीं जब उसने इस मामले की शिकायत थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक जिलाधिकारी से भी की । तो खुद पंकज वर्मा अपने लेखपाल पद का दुरुपयोग करते हुए खुद 112 नंबर की पुलिस बुलाई और पीड़िता के घर पहुंच कर अपने माता-पिता भाभी के साथ धमकी देने भी पहुंच गया। महिला ने जिले के आलाधिकारियों से अपनी जान माल की सुरक्षा की मांग की है। अब देखना यह है कि क्या लेखपाल का पद और उसका रुतबा भारी पड़ता है या देश की कानून व्यवस्था और पुलिस अधीक्षक द्वारा दिए गए दिशा निर्देश का थाने की पुलिस पालन करती।



