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अयोध्या में बना रिकॉर्ड तो कुशीनगर भी नहीं रहा पीछे, हर साल बढ़ती जा रही है दीपों की गिनती

वर्ष दीपोत्सव के इस कार्यक्रम में दूर-दराज से लोग यहां आते हैं और यहां स्थित पोखरे के किराने बनी सीढ़ियों पर हजारों दीप जला कर हर्ष और उल्लास के साथ दीपावली त्यौहार मनाते हैं. उत्तर प्रदेश में दिवाली के मौके पर सरकार और प्रशासन ने अयोध्या के दीपोत्सव कार्यक्रम को भव्य बनाने का पूरा प्रयास किया. अयोध्या में जहां 25 लाख दीप जला कर एक के बाद एक विश्व रिकॉर्ड बनाए जा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश सहित देश के छोटे-छोटे गांव, शहर और कस्बों में भी लोग हमेशा की तरह हजारों दीप जला कर दीपावली के इस महापर्व को धूम धाम से मनाने में लगे हैं. कुछ ऐसा ही नजारा कुशीनगर के पडरौना शहर से सटे मानस कॉलोनी में स्थित प्राचीन बुढ़िया माई के मंदिर में देखने को मिला.पडरौना नगरपालिका द्वारा 35,000 दीप प्रज्वलित कर पूरे मंदिर प्रांगण को रोशनी से भर दिया गया था. नगरपालिका पडरौना द्वारा ऐसा पहली बार नहीं बल्कि विगत 5 वर्षों से हर दीपावली के त्यौहार पर हजारों दीप प्रज्वलित कर भगवान राम के अयोध्या आगमन की खुशी मनाई जाती है. इन दीपों की संख्या साल दर साल बढ़ती ही जाती है. इस बार यह संख्या लगभग 35,000 के पार पहुंच गई.बुढ़िया माई का यह मंदिर बहुत ही प्राचीन माना जाता है. अक्सर यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है. यही कारण है कि नगरपालिका द्वारा इस मंदिर का बड़े पैमाने पर सुंदरीकरण कराया गया है. प्रत्येक वर्ष दीपोत्सव के इस कार्यक्रम में दूर-दराज से लोग यहां आते हैं और यहां स्थित पोखरे के किराने बनी सीढ़ियों पर हजारों दीप जला कर हर्ष और उल्लास के साथ दीपावली त्यौहार मनाते हैंनगर पालिका अध्यक्ष विनय जायसवाल से बात करने पर उन्होंने बताया कि जब से उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनी है हर त्योहार धूम-धाम से और बिना किसी बाधा के मनाए जा रहे हैं. नगरपालिका पडरौना द्वारा हर वर्ष इस दीपोत्सव कार्यक्रम को और भी भव्य किया जा रहा है. अगले वर्ष यहां दीपों की संख्या 50,000 करने का प्रयास किया जाएगा और कार्यक्रम को और भी वृहद और सुंदर बनाया जाएगा.

रतन गुप्ता उप संपादक

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