
राजेश द्विवेदी
रायबरेली।।आस्तिक देव मंदिर में चल रही संगीतमय श्री राम कथा के तृतीय दिवस की कथा में भगवान श्री राम के जन्म की कहानी मनु और सतरूपा का तप उनको भगवान विष्णु ने आशीर्वाद प्रदान किया और कहा की महाराज मनु और सतरूपा आप जाकर अवध में निवास करें कुछ समय बाद मैं आपको पुत्र स्वरूप में प्राप्त होगा प्रभु के वाक्य सुनकर महाराज मनु और सतरूपा भगवान के चरणों में लिपट कर भगवान को धन्यवाद देते हैं महाराज दशरथ के पुत्र न होने के कारण गुरुदेव भगवान के आश्रम पहुंचे और उनसे याचना की गुरुदेव भगवान ने आशीर्वाद दिया धारहू धीर होईहय है सुत चारी ऋगी ऋषि आए उन्होंने पुत्रेष्ठ यज्ञ कराया जिससे अग्नि देवता प्रसन्न हुए हाथ में खीर का कटोरा लेकर राजा दशरथ को प्रदान किया राम जी के जन्मोत्सव की कथा सुनकर सभी श्रोतागण भाव विभोर हुए और भगवान का जन्मोत्सव आनंदपूर्वक मनाया कथा व्यास श्री कृष्ण कुमार शास्त्री उपस्थित जनमानस समूह आनंदपूर्वक भगवान श्री राम का जन्मोत्सव मनाया गया



