रतन गुप्ता वरिष्ठ संपादक——- बिहार चुनाव 2025 में एडीए को बड़ी जीत मिली है. क्या पीएम मोदी का नया ‘MY’ फॉर्मूला यानी महिला और युवा मंत्रिमंडल में दिखेगा? कितने डिप्टी सीएम बनने की संभावना इस बार बिहार में प्रबल हैबिहार चुनाव 2025 के नतीजे के बाद क्या एनडीए सरकार में एमवाई का जलवा दिखेगा? पीएम मोदी ने बिहार चुनाव 2025 जीतने के बाद ‘एमवाई’ को लेकर नया फॉर्मूला दिया था. ‘M’ यानी महिला और’ Y’ यानी युवा. यह फॉर्मूला आरजेडी के ‘एमवाई’ यानी मुस्लिम-यादव फॉर्मूले का जवाब माना गया. ऐसे में अब एनडीए को बिहार चुनाव में प्रचंड जीत मिली है और यह फ़ॉर्मूला चर्चा में आ गया है. क्या इस बार के एनडीए मंत्रिमंडल में एक महिला सीएम भी बन सकती हैं? अब सभी की नजरें नई सरकार के गठन और सीएम नीतीश कुमार के भावी मंत्रिमंडल पर टिकी हैं. उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) के पदों को लेकर राजनीतिक गलियारों में क्यों चर्चा हो रही तीन डिप्टी सीएम की?नीतीश मंत्रिमंडल में दिखेगी ‘MY’ की ताकत, या एक डिप्टी सीएम का पत्ता होगा साफ?बिहार में इस बार कितने डिप्टी सीएम बनेंगे?क्या इस बार पीएम मोदी का यह फॉर्मूला ‘M’और ‘Y’ यानी महिला और और युवा मंत्रिमंडल का मुख्य आधार बनेंगे? सवाल यह है कि क्या एनडीए अब अपने इस नये ‘MY’ फॉर्मूले को मंत्रिमंडल में भी लागू करके राजनीतिक जवाबदेही दिखाएगा? 2020 और 2024 में NDA ने बिहार में दो उपमुख्यमंत्रियों का फॉर्मूला आपनाया था. साल 2020 में तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी डिप्टी सीएम बनीं थी और साल 2024 में सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा बीजेपी के कोटे से डिप्टी सीएम बने थे. यह समीकरण जातीय संतुलन और क्षेत्रीय संतुलन को दर्शाता था. लेकिन इस बार एनडीए के सामने एक विकल्प मुंह बाये खड़ी है. बिहार में लड़कियों की उच्च शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत 25,000 और 10,000 रुपए की सहायता ने महिला वोट बैंक को मजबूती दी.दो डिप्टी सीएम का फॉर्मूलाएनडीए के पास एक विकल्प है कि वह पुराने फार्मूले पर ही कायम रहते हुए दो उपमुख्यमंत्रियों को रखे. हालांकि, इस बार बीजेपी कोटे से दोनों नाम बदल सकते हैं या कम से कम एक नाम बदल सकता है ताकि नए ‘MY’ फॉर्मूले को जगह मिल सके. अगर तीन डिप्टी सीएम का विकल्प सबसे चर्चित विकल्प है. 2020 के चुनाव में आरजेडी ने भी तीन उपमुख्यमंत्रियों की बात कही थी और 2025 के चुनाव में भी यही बात. ऐसे में बीजेपी जातीय और क्षेत्रीय संतुलन के साथ-साथ महिला एवं युवा कोटे को संतुलित करने के लिए तीन डिप्टी सीएम बना सकती है. इसमें एक पद महिला को देने की संभावना सबसे अधिक है, जो सीधे तौर पर पीएम मोदी के ‘MY’ फॉर्मूले को दर्शाएगा.किसी एक मौजूदा डिप्टी सीएम का पत्ता कटेगा?बिहार में सरकार का तय हो गया फॉर्मूला, भाजपा-जदयू कोटे से बनेंगे इतने मंत्रीबिहार में सरकार का तय हो गया फॉर्मूला, भाजपा-जदयू कोटे से बनेंगे इतने मंत्रीनीतीश की ‘लक्ष्मी स्ट्राइक’ चुनाव में गेम बदल गई! इस स्कीम ने किंग बना दियानीतीश की ‘लक्ष्मी स्ट्राइक’ चुनाव में गेम बदल गई! इस स्कीम ने किंग बना दियाअगर BJP दो ही डिप्टी सीएम रखती है तो युवा या महिला चेहरे को प्रमोट करने के लिए मौजूदा उपमुख्यमंत्रियों में से किसी एक को मंत्री बनाकर दूसरे नेता को आगे लाया जा सकता है. यह फैसला बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व करेगा. NDA की जीत में सबसे बड़ा योगदान EBC यानी अति पिछड़ा वर्ग और महिला मतदाताओं का रहा है. ऐसे में मंत्रिमंडल गठन के दौरान इन बातों का विशेष ध्यान रखा जाएगा.पीएम मोदी के जोर देने के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि डिप्टी सीएम के पद पर एक महिला को जरूर रखा जाएगा.कुलमिलाकर पीएम मोदी के जोर देने के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि डिप्टी सीएम के पद पर एक महिला को जरूर रखा जाएगा या महिलाओं को कैबिनेट में अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा. इससे न सिर्फ ‘M’ फॉर्मूला मजबूत होगा, बल्कि नीतीश कुमार के महिला वोटबैंक पर भी बीजेपी अपनी पकड़ बना सकेगी. वहीं, एनडीए युवा वोटरों को भी एक सकारात्मक संदेश देना चाहती है. इसलिए एक युवा चेहरे को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, जो तेजस्वी यादव की युवा छवि को टक्कर दे सके. ऐसे में उपमुख्यमंत्री के पद पर हमेशा की तरह दलित, पिछड़ा या अति पिछड़ा समुदाय से ही किसी एक चेहरे को जगह मिलने की संभावना है. अंतिम फैसला बीजेपी और जेडीयू के शीर्ष नेतृत्व के बीच बैठक के बाद लिया जाएगा, लेकिन यह तय है कि नीतीश सरकार का अगला मंत्रिमंडल जातीय समीकरणों से ज्यादा पीएम मोदी के नए ‘MY’ यानी ‘महिला-युवा’ फॉर्मूले को दर्शाएगा.
क्या नीतीश मंत्रिमंडल में भी दिखेगी ‘MY’ की ताकत? या एक डिप्टी सीएम का पत्ता होगा साफ
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