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विकास भवन सभागार में एक दिवसीय जिला स्तरीय पंचायत उन्नति सूचकांक 2.0 (पीएआई) कार्यशाला का आयोजन हुआ संपन्न

जिला विकास अधिकारी राजमणि वर्मा ने दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का किया शुभारंभ

अवधेश पांडेय गोरखपुर

गोरखपुर- विकास भवन के सभागार में जीपीडीपी,पीडीआई समितियों के सदस्यों, डिजिटल लाइब्रेरी के सदस्य तथा मीडिया कर्मियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। जिसमें राजमणि वर्मा, जिला विकास अधिकारी, नीलेश प्रताप सिंह,जिला पंचायत राज अधिकारी गोरखपुर, रघुनाथ सिंह, डीसी मनरेगा द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया गया जिसमें श्री नीलेश प्रताप सिंह जिला पंचायत राज अधिकारी गोरखपुर द्वारा पंचायती राज व्यवस्था, डिजिटल लाइब्रेरी, पंचायत प्रतिपूर्ति एवं प्रोत्साहन, पंचायत उत्सव भवन एवं पी.ए.आई. पर सभी प्रतिभागियों को जानकारी दी गई। डीपीआरसी प्रबंधक ने सतत विकास के लक्ष्य का स्थानीयकरण के विषय में वृहद रूप से अवगत कराया। प्रशिक्षण में डीपीएम ने शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के प्रचार प्रसार आवश्यक रूप से कराए जाने हेतु कहा तथा प्रशिक्षक अजीत तिवारी द्वारा एलएसडीजी 09 थीम/ थीमेटिक जीपीडीपी पर व श्री ब्रजेश तिवारी द्वारा पंचायत विकास सूचकांक नया नाम पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स व (ओएसआर) आदि विषयों पर सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों, प्रतिनिधियों, मीडिया कर्मियों को विस्तार से जानकारी दी गई l प्रशिक्षण के दौरान जिला पंचायत राज अधिकारी व अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी व समस्त प्रशिक्षकगण उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण में जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा आज एक दिवसीय जिला स्तरीय पंचायत उन्नति सूचकांक 2.0 (पी ए आई) कार्यशाला की कार्यशाला की शुरुआत की गई कार्यशाला में समस्त एसडीएम, बीडीओ,एडीओ (पंचायत) एवं विकास खंड स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। कार्यशाला के प्रतिभागियों में स्वास्थ्य,शिक्षा,महिला एवं बाल कल्याण, कृषि,पशुपालन, बैंकिंग,आजीविका, खाद्य सुरक्षा,आवास, रोजगार से संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे । कार्यशाला में पंचायत के माध्यम से एलएसडीजी की प्रगति के आकलन तथा पंचायत स्तर पर प्रमाण आधारित नियोजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंचायत उन्नति इंडेक्स में आंकड़ों की सही जानकारी भरे जाने की अपेक्षा की गई। इस प्रक्रिया के माध्यम से पंचायत में क्रिटिकल गैप को चिन्हित कर बेहतर नियोजन विशेष कर पंचायत की वार्षिक कार्य योजना सहभागी एवं समन्वित रूप से तैयार किया जाना संभव हो सकेगा। कार्यशाला में इंडेक्स समस्त विभागों एवं मंत्रालयों के प्रगति के आकलन हेतु कॉमन रिसोर्सेस के आधार पर क्षेत्र एवं जिला पंचायत को भी संवेदित कार्य योजना बनाने का अवसर मिलेगा।

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