रतन गुप्ता उप संपादक ——–उत्तर प्रदेश के आगरा में उस समय सनसनी मच गई, जबयूपी एटीएस ने आर्डिनेंस फैक्टरी में काम करने वाले रवींद्र कुमार को गिरफ्तार किया. बता दें, वो फेसबुक के जरिये हनी ट्रैप में फंसा था. वो कातिल हसीना नेहा, पाक से आगरा के शख्स का घुमाया दिमाग, कैसे बना ISI एजेंटआईएसआई एजेंट रविंद्र कुमार गिरफ्तार.आगरा में आईएसआई एजेंट रविंद्र कुमार गिरफ्तार.फेसबुक हनी ट्रैप में फंसकर गोपनीय जानकारी लीक की.एटीएस को रविंद्र के पास से महत्वपूर्ण सबूत मिले.उत्तर प्रदेश के आगरा के एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का एजेंट है. उस पर हुस्न की जाल में फंसकर देश से गद्दारी करने का आरोप है. पकड़े गए आईएसआई एजेंटी की पहचान रविंद्र कुमार के रूप में हुई है. वह आगरा के ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में काम करता था. आरोप है कि वह लंबे वक्त से पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहा था.लंबे समय से कर रहा था जानकारी लीकरवींद्र कुमार फिरोजाबाद के हजरतपुर की आर्डिनेंस फैक्ट्री में चार्जमैन के पद पर तैनात था. वह काफी समय से खुफिया सूचनाएं लीक कर रहा था. एटीएस को इसके पास से कई अहम पुख्ता सबूत मिले हैं. वह मूल रूप से मध्य प्रदेश के शिवपुरी का रहने वाला है. आगरा में रविंद्र कुमार सदर थाना क्षेत्र के बुंदु कटरा में रह रहा था. उसे आगरा से पकड़ा गया है.ऐसे फंसा हनी ट्रैप मेंपकड़ा गया रविंद्र कुमार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के फैलाए हनी ट्रैप के जरिए महिला एजेंट से फंस गया था. नेहा शर्मा नाम की फेसबुक आईडी से पहले रवींद्र को रिक्वेस्ट भेजी गई. इसके बाद मैसेंजर के जरिए बातचीत शुरू हुई. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शुरू में नेहा ने खुद को इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन से जुड़ा हुआ बताया. दोनों के बीच बातचीत बढ़ती गई. फेसबुक मैसेंजर से ही वॉट्सऐप नंबर की अदला-बदली हुई. फिर बात प्यार-मोहब्बत तक पहुंच गई.फिर कर दिया ये कामरवींद्र और नेहा देर रात तक बातचीत करते थे. वीडियो कॉल भी करते थे. इस बात के रिकॉर्ड्स मिले हैं. जब रवींद्र पूरी तरह से नेहा के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के जाल में फंस गया तो वह उससे फिरोजाबाद के हजरतपुर में स्थित ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की कई महत्वपूर्ण गोपनीय जानकारी मांगने लगीं. उसने पैसों का लालच देकर गगनयान से जुड़ी जानकारियां इकट्ठा करने लगी. वहीं रविंद्र हुस्न के जाल में ऐसा फंसा कि वो ISI के लिए काम करने वाली महिला को गोपनीय दस्तावेज भेजने भी लगा. एटीएस को शख्स के मोबाइल से ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की जरूरी डेली रिपोर्ट मिली हैं. इनमें ड्रोन, गगनयान प्रोजेक्ट और अन्य कई गोपनीय जानकारी, स्क्रीनिंग कमेटी का कॉन्फिडेंशियल लेटर बरामद हुआ.पाकिस्तान से ऑपरेट हो रही थी आईडीएडीजी एटीएस नीलाब्जा चौधरी ने बताया कि नेहा शर्मा नाम की आईडी पाकिस्तान से ऑपरेट हो रही थी. रवींद्र कुमार की गिरफ्तारी की सूचना उसकी पत्नी आरती को भी दी गई है. वहीं, यूपी एटीएस के हत्थे चढ़े पाकिस्तानी जासूस रवींद्र कुमार ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. रवींद्र ने बताया, बीते साल यानी की 2024 के जून-जुलाई में फेसबुक से नेहा शर्मा नाम की एक लड़की से दोस्ती हुई. पहले तो हम दोनों फेसबुक के मैसेंजर ऐप से बात करते थे, लेकिन धीरे-धीरे नेहा शर्मा से प्यार मोहब्बत की बातें होने लगी. बाद में नेहा ने उसे अपने वॉट्सऐप नंबर शेयर किया और इसके बाद वॉट्सऐप से बात होने लगी.जब पूरा विश्वास हो गया तब नेहा ने कहा कि वो भारत के विदेश और रक्षा मंत्रालय की जरूरी और गोपनीय सूचनाओं को इकट्ठा करके पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी को शेयर करती है. इसका इस्तेमाल पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी भारत सरकार के खिलाफ करती है. अगर वो उसकी मदद करेगा तो उसे इस काम के बदले में अच्छा पैसा मिलेगा.झूठा बैकग्राउंड का लेती थीं सहारानेहा ने कहा कि अगर तुम मेरे साथ मिलकर काम करोगे तो मैं तुम्हें मालामाल कर दूंगी. इसके बाद लालच में आकर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की कई महत्वपूर्ण और गोपनीय जानकारी नेहा शर्मा को भेजीं. रवींद्र ने बताया कि दोस्ती करने और मेल-जोल बढ़ाने के लिए पाकिस्तान में बैठी पीआईओ (पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटर) झूठ-फरेब के साथ फर्जी बैकग्राउंड का भी सहारा लेती हैं.रवींद्र की जिस नंबर पर बात हो रही थी, उसे उसने अपने मोबाइल में चंदन स्टोर कीपर-2 के नाम से फीड कर रखा था. शख्स को डर था कि कहीं घर वालों को खासकर, उसकी पत्नी को कोई शक न हो, इसलिए उसने स्टोर कीपर नाम से नंबर को फीड किया हुआ था. उसने यह भी बताया कि वह नेहा से हुई बातचीत को डिलीट कर देता था, फिर भी कुछ चैट रह गई थी.गगनयान की जानकारी साझा कीएडीजी नीलाब्जा चौधरी ने बताया कि रवींद्र जिस आर्डिनेंस फैक्ट्री में काम करता है, वह फैक्ट्री समय गगनयान प्रोजेक्ट पर काम कर रही है. गगनयान भारत का स्पेस प्रोजेक्ट है, जिसके बाद भारत चौथा देश बनने की राह पर है. इससे पहले अमेरिका, चीन और रूस अपने-अपने स्पेस प्रोजेक्ट चला रहे हैं. रवींद्र ने गगनयान से जुड़ी कौन-कौन सी जानकारियां भी साझा की हैं, जिनकी जांच की जा रही है.हनी ट्रैप का शिकार होकर इन्होंने भी पाकिस्तान को मुहैया कराई जानकारीमामला जुलाई 2023 का है. गाजियाबाद में गृह मंत्रालय के संविदा कर्मचारी नवीन पाल को एटीएस ने गिरफ्तार किया था. नवीन एक महिला के प्रेमजाल में फंसकर उसे वॉट्सऐप से गोपनीय दस्तावेज भेज रहा था. उसने स्वीकार किया कि उसने 20 से अधिक गोपनीय दस्तावेज ‘अंजली’ नाम की महिला को भेजे थे, जो वास्तव में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की एजेंट थी.मई 2023 में गोरखपुर के पिपराइच क्षेत्र के रहने वाले राम सिंह को यूपी एटीएस ने लखनऊ से गिरफ्तार किया था. राम सिंह गोवा के नेवल शिपयार्ड में पार्ट-टाइम कर्मचारी के रूप में काम करता था और हनी ट्रैप में फंसकर ISI के लिए जासूसी कर रहा था. उसने भारतीय नौसेना के युद्ध-पोतों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तानी एजेंट को भेजी थीं.यूपी एटीएस ने सितंबर 2023 में लखनऊ से शैलेश कुमार उर्फ शैलेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार किया था. शैलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के हैंडलर्स को भारतीय सेना से संबंधित महत्वपूर्ण सूचना भेजी थीं. इसके बदले में उसे भारी रकम मिली थी
रतन गुप्ता उप संपादक



